विश्व-विख्यात आध्यात्मिक गुरु संत राजिन्दर सिंह जी महाराज  का 23 अक्टूबर को काशीपुर में होगा आध्यात्मिक सत्संग का कार्यक्रम

 

 

काशीपुर: विश्व-विख्यात आध्यात्मिक गुरु और सावन कृपाल रूहानी मिशन के प्रमुख परम पूजनीय संत राजिन्दर सिंह जी महाराज 23 अक्टूबर, 2026 को सत्संग और आध्यात्मिक दीक्षा कार्यक्रम के लिए काशीपुर पधार रहे हैं। 

परम पूजनीय संत राजिन्दर सिंह जी महाराज 23 अक्टूबर, 2026 की शाम को 7 बजे गढ़ी नेकी रोड़ पर कुंडा चैाराहा के निकट स्थित कृपाल आश्रम में अपना आध्यात्मिक प्रवचन देंगे, जिसमें वे आपसी भाईचारे, प्रेम और मन की शांति को किस तरीके से पाया जा सकता है, उसके बारे में खोल-खोलकर समझाएंगे। सत्संग के पश्चात रात 9 बजे नए भाई-बहनों के लिए नामदान (आध्यात्मिक दीक्षा) का कार्यक्रम भी इसी स्थान पर आयोजित किया जाएगा, जिसमें संत राजिन्दर सिंह जी महाराज जिज्ञासुओं को प्रभु की ज्योति व श्रुति का निजानुभव प्रदान करेंगे। 

 

यह जानकारी देते हुए मिशन के मीडिया प्रभारी सौरव नरूला ने बताया कि आध्यात्मिक सत्संग के इस कार्यक्रम में सिर्फ काशीपुर से ही नहीं बल्कि भारत के विभिन्न राज्यों के हजारों लोगों के अलावा विदेशों से आए भाई-बहन भी भाग ले रहे हैं। इस कार्यक्रम का आयोजन सावन कृपाल रूहानी मिशन की काशीपुर शाखा द्वारा किया जा रहा है, जिसमें सभी भाई-बहनों का हार्दिक स्वागत है। 

 उन्होंने कहा कि परम पूजनीय संत राजिन्दर सिंह जी महाराज एक लाभ न कमाने वाली संस्था सावन कृपाल रूहानी मिशन के प्रमुख हैं, जिसे पश्चिमी देशों में साईंस आॅफ स्पिरिचुएलिटी के नाम से भी जाना जाता है। संत राजिन्दर सिंह जी महाराज के जीवन और उनके आध्यात्मिक कार्य को प्रेम और निस्वार्थ सेवा की कभी न खत्म होने वाली यात्रा के रूप में देखा जा सकता है। उनका उद्देश्य विश्वभर के लाखों लोगों को मनुष्य जीवन के मुख्य ध्येय जोकि अपने आपको जानना और पिता-परमेश्वर को पाना है, को खोजने में मदद करना है। वे पिछले 37 वर्षों से जीवन के सभी क्षेत्रों के लाखों लोगों को ध्यान-अभ्यास की विधि सिखाकर उन्हें अपने अंदर ही प्रभु की ज्योति और श्रुति का अनुभव करा रहे हैं।

 उन्होंने कहा कि संत राजिन्दर सिंह जी महाराज को विश्वभर में ध्यान-अभ्यास पर आधारित सेमिनारों, आध्यात्मिक पुस्तकों, डीवीडी, आडियो बुक, लेख, टीवी, रेडियो, इंटरनेट प्रसारणों तथा सोशल मीडिया के माध्यम से लाखों भाई-बहनों को ध्यान-अभ्यास की विधि सिखाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है। संत राजिन्दर सिंह जी महाराज की पुस्तकें विश्व की 56 भाषाओं में उपलब्ध हैं, जिनमें ‘मन का शुद्धिकरण’ ‘मेडिटेशन ऐज़ मेडिकेशन फाॅर द सोल’ और ‘ध्यान-अभ्यास के द्वारा आंतरिक और बाहरी शांति’ आदि शामिल हैं।

 मीडिया प्रभारी नरूला ने कहा कि सावन कृपाल रूहानी मिशन के संपूर्ण विश्वभर में 3500 से अधिक केन्द्र स्थापित हैं। इसका मुख्यालय विजय नगर, दिल्ली में है तथा अंतर्राष्ट्रीय मुख्यालय नेपरविले, शिकागो, अमेरिका में स्थित है। 

 प्रेस कॉन्फ्रेंस में मिशन के स्थानीय अध्यक्ष परमजीत सिंह ,जोनल कॉर्डिनेटर एडमिन जसपाल सिंह सिमरन जीत सिंह, सुरेंद्र मिगलानी आदि मौजूद थे।

 

 

 

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