गले पर चोट के निशान से बदला पुलिस का शक, सुनियोजित हत्या का हुआ खुलासा
पत्नी निशा गिरफ्तार, दो विधि-विवादित किशोर भी हत्याकांड की साजिश में शामिल
काशीपुर (चित्रांश सक्सेना) 19 अगस्त –काशीपुर की प्रतापपुर पुलिस चौकी क्षेत्र में खेत के पास स्विफ्ट कार में युवक का शव मिलने के मामले में पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा किया है। शुरुआत में पुलिस को मामला सड़क हादसे का लग रहा था, लेकिन शव के गले पर मिले चोट के निशान ने पूरी कहानी बदल दी। गहन जांच के बाद सामने आया कि युवक की मौत हादसे में नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से की गई हत्या में हुई थी।
मृतक की पहचान संजीव कुमार पुत्र सोमल सिंह, निवासी बाजावाला, ढकिया नंबर-01, कुंडेश्वरी, काशीपुर के रूप में हुई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की बारीकी से जांच शुरू की। इसी दौरान मृतक की पत्नी निशा के बयानों को मोबाइल लोकेशन, CCTV फुटेज और अन्य फोरेंसिक साक्ष्यों से मिलाया गया तो बयानों में विरोधाभास सामने आने लगे। इसके बाद पुलिस की जांच का रुख पत्नी और उसके संपर्क में रहने वाले लोगों की ओर हो गया।
पुलिस पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मृतक की पत्नी निशा की हत्या की साजिश में भूमिका सामने आई। पुलिस ने निशा को 19 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया। वहीं जांच में दो विधि-विवादित किशोरों की संलिप्तता भी सामने आई, जिनके संबंध में किशोर न्याय अधिनियम के तहत आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। पूछताछ के दौरान पुलिस को हत्या में इस्तेमाल सामान और घटना से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग भी मिले।
पुलिस के मुताबिक मामले में एक 12 बोर का तमंचा, तीन खोखे, पांच जिंदा कारतूस और खून से सने कपड़े बरामद किए गए हैं। मामले में कोतवाली काशीपुर में धारा 103(1) BNS के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। हत्याकांड के शीघ्र अनावरण के लिए एसएसपी ऊधमसिंहनगर के निर्देश पर कोतवाली काशीपुर पुलिस और SOG काशीपुर की संयुक्त टीम गठित की गई थी।
एसएसपी अजय गणपति ने काशीपुर पहुंचकर पूरे मामले का खुलासा किया। पुलिस की जांच में मोबाइल लोकेशन, CCTV फुटेज, फोरेंसिक साक्ष्य और पूछताछ से सामने आए तथ्यों को अहम कड़ी माना गया। महज 48 घंटे में मामले का खुलासा होने के बाद अब पुलिस हत्या के पीछे की पूरी साजिश और अन्य पहलुओं की जांच में जुटी है।
